भारत में डोमेन नेम कैसे खरीदें (स्टेप बाय स्टेप)
नाम खोजें, किसी रजिस्ट्रार पर कार्ट में डालें, UPI, कार्ड या नेट बैंकिंग से पेमेंट करें, और फिर KYC पूरा करें। जितने साल का पैसा दिया है, उतने साल डोमेन आपका है।
स्टेप 1: नाम खोजें
हमारे होम पेज पर नाम खोजें। आइडिया चाहिए तो जनरेटर इस्तेमाल करें।
स्टेप 2: रजिस्ट्रार चुनें
रजिस्ट्रार वह कंपनी है जो आपके लिए डोमेन रजिस्टर करती है, जैसे GoDaddy, Hostinger, BigRock, Namecheap या Spaceship। सिर्फ़ पहले साल की कीमत नहीं, रिन्यूअल की कीमत भी देखें।
स्टेप 3: अपने नाम से अकाउंट बनाएँ
अपना नाम (या कंपनी का नाम) और ऐसा ईमेल इस्तेमाल करें जो हमेशा आपके पास रहेगा। यही डोमेन का कानूनी मालिक होता है।
स्टेप 4: पेमेंट करें
भारतीय रजिस्ट्रार UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग लेते हैं। कीमत पर 18% GST अलग से जुड़ता है।
स्टेप 5: KYC पूरा करें (.in के लिए)
.in डोमेन के लिए पहचान सत्यापन ज़रूरी है। GoDaddy जैसे रजिस्ट्रार आधार से e-KYC कराते हैं। डोमेन पर लिखा नाम आपकी ID से बिल्कुल मिलना चाहिए। 7 दिन में KYC न होने पर वेबसाइट और ईमेल बंद हो सकते हैं।
स्टेप 6: Auto-renew और Lock चालू करें
Auto-renew से डोमेन गलती से खत्म नहीं होगा, और transfer lock से कोई बिना इजाज़त डोमेन ट्रांसफ़र नहीं कर पाएगा।
स्टेप 7: वेबसाइट और ईमेल से जोड़ें
होस्टिंग कंपनी के दिए name servers या DNS records डालें। you@yourname.in जैसा ईमेल Google Workspace या Zoho Mail से बना सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बिना वेबसाइट के डोमेन खरीद सकते हैं?
हाँ। बहुत लोग नाम सुरक्षित करने के लिए पहले डोमेन खरीद लेते हैं और बाद में वेबसाइट बनाते हैं।
डोमेन कितने साल के लिए मिलता है?
1 से 10 साल तक एक बार में खरीद सकते हैं, और जब तक रिन्यू करते रहेंगे, डोमेन आपका रहेगा।
क्या .in डोमेन के लिए KYC ज़रूरी है?
हाँ। NIXI के नियम के अनुसार .in डोमेन खरीदने के 7 दिन के अंदर पहचान सत्यापन (KYC) पूरा करना होता है, वरना डोमेन बंद हो सकता है।